ॐ नमो भगवते वासुदेवाय (जगन्नाथाय नमः)
Om Namo Bhagavate Vasudevaya Jagannathaya Namah
सनातन देव पीठ परम कल्याणकारी दिव्य स्वरूप
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय (जगन्नाथाय नमः)
पुरी धाम के स्वामी, दारुब्रह्म स्वरूप जो पतितपावन होकर रथ पर बैठकर भक्तों को दर्शन देते हैं।
भगवान जगन्नाथ भगवान श्रीकृष्ण के ही स्वरूप हैं जो पुरी धाम में अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ दारुब्रह्म विग्रह रूप में प्रतिष्ठित हैं।
गरुड़ (नंदीघोष रथ)
शंख, चक्र
रथ यात्रा, चंदन यात्रा, स्नाना पूर्णिमा
Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.