182301
माँ वैष्णो देवी तीर्थ (कटरा)
त्रिकूट पर्वत की पावन गुफा में महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती का अखंड पिंडी स्वरूप।
सनातन देव पीठ परम कल्याणकारी दिव्य स्वरूप
ॐ दुं दुर्गायै नमः
समस्त दैवी शक्तियों की पुंज, महिषासुरमर्दिनी, दुष्टों का संहारक और भक्तों की रक्षा करने वाली जगदम्बा।
मां दुर्गा समस्त देवताओं के तेज से प्रकट हुई पराशक्ति हैं। वे शक्ति, साहस और मातृत्व की प्रतीक हैं जो भक्तों के समस्त कष्टों का नाश करती हैं।
सिंह (शेर)
त्रिशूल, चक्र, खड्ग, धनुष, गदा
शारदीय नवरात्र, चैत्र नवरात्र, दुर्गाष्टमी
Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.