ॐ क्रीं कालिकायै नमः
Om Kreem Kalikayai Namah
सनातन देव पीठ परम कल्याणकारी दिव्य स्वरूप
ॐ क्रीं कालिकायै नमः
दस महाविद्याओं में प्रथम, काल और संहार की अधिष्ठात्री एवं भक्तों की ममतामयी रक्षक माता।
माँ काली का स्वरूप जितना उग्र है, वे अपने शरणागत भक्तों के लिए उतनी ही करुणामयी हैं। वे अविद्या, अहंकार और दुष्ट प्रवृत्तियों का त्वरित संहार करती हैं।
शव / प्रेत आसन
खड्ग (खांडा), त्रिशूल, नरमुंड, खप्पर
काली पूजा, नरक चतुर्दशी, गुप्त नवरात्रि
Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.