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श्री मयूरेश्वर विनायक (अष्टविनायक)
महाराष्ट्र के अष्टविनायक तीर्थों में प्रथम एवं मुख्य स्वयंभू पावन गणेश पीठ।
सनातन देव पीठ परम कल्याणकारी दिव्य स्वरूप
ॐ गं गणपतये नमः
विघ्नहर्ता, बुद्धि-विद्या के प्रदाता, शिव-पार्वती पुत्र, समस्त मांगलिक कार्यों में प्रथम पूजनीय।
भगवान गणेश बुद्धि, रिद्धि-सिद्धि और विवेक के स्वामी हैं। सनातन परंपरा में किसी भी पूजन, अनुष्ठान या नए कार्य का शुभारंभ गणेश वंदना से ही होता है।
मूषक (चूहा)
परशु, पाश, अंकुश, मोदक पात्र
गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी
Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.