211005
श्री लेटे हुए हनुमान जी (प्रयागराज संगम)
प्रयागराज संगम तट पर स्थित पातालपुरी सिद्ध मंदिर, जहाँ हनुमान जी शयन अवस्था में हैं।
सनातन देव पीठ परम कल्याणकारी दिव्य स्वरूप
ॐ हं हनुमते नमः
रुद्रावतार, रामदूत, अतुलित बल के धाम, अष्टसिद्धि और नवनिधि के प्रदाता चिरंजीवी प्रभु।
श्री हनुमान जी निष्काम भक्ति और अतुलनीय शक्ति के प्रतीक हैं। कलियुग में सबसे जाग्रत देवता के रूप में उनकी आराधना से समस्त भय व संकट दूर होते हैं।
वायु (पवन)
गदा, वज्र
हनुमान जयंती, मंगलवार व शनिवार व्रत, बुढ़वा मंगल
Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.