भक्ति की सभा
ॐ
श्री संकटमोचन हनुमान जी

श्री संकटमोचन हनुमान जी

सनातन देव पीठ परम कल्याणकारी दिव्य स्वरूप

ॐ
॥ सिद्ध मूल / बीज / ध्यान मंत्र ॥

ॐ हं हनुमते नमः

संक्षिप्त परिचय व पावन स्वरूप

रुद्रावतार, रामदूत, अतुलित बल के धाम, अष्टसिद्धि और नवनिधि के प्रदाता चिरंजीवी प्रभु।

पौराणिक इतिहास, दिव्य लीलाएं एवं महात्म्य

श्री हनुमान जी निष्काम भक्ति और अतुलनीय शक्ति के प्रतीक हैं। कलियुग में सबसे जाग्रत देवता के रूप में उनकी आराधना से समस्त भय व संकट दूर होते हैं।

दिव्य लक्षण एवं आयुध
दिव्य वाहन:

वायु (पवन)

प्रमुख अस्त्र-शस्त्र / आयुध:

गदा, वज्र

मुख्य पर्व एवं व्रत:

हनुमान जयंती, मंगलवार व शनिवार व्रत, बुढ़वा मंगल

Daily Gita Sadhana

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Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.

भक्ति की सभा
सनातन धर्म की अपनी सभा पवित्र श्लोक व व्याख्या लोड हो रही है...
सत्यम् शिवम् सुन्दरम्