मंदिर का पावन परिचय
गोदावरी नदी के उद्गम ब्रह्मगिरि पर्वत के समीप स्थित त्रि-मुख (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) युक्त ज्योतिर्लिंग।
विस्तृत इतिहास, वास्तुकला एवं महात्म्य
यहाँ शिवलिंग के भीतर ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों के सूक्ष्म तीन लिंग स्वरूप प्रतिष्ठित हैं। यह कालसर्प शांति का मुख्य केंद्र है।
त्र्यंबक, नासिक जिला, महाराष्ट्र
पिनकोड: 422212