भक्ति की सभा
ॐ
श्रीमद्भागवत महापुराण
PURAN महर्षि वेदव्यास प्रणीत

श्रीमद्भागवत महापुराण

भगवान श्रीकृष्ण की बाल व रास लीलाओं और नवधा भक्ति का सर्वोच्च महाग्रंथ।

अनुवाद भाषा:
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 1

श्रीभगवानुवाच ।
भूय एव महाबाहो शृणु मे परमं वचः ।
यत्तऽेहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया ॥१०-१॥

śrībhagavānuvāca | bhūya eva mahābāho śṛṇu me paramaṁ vacaḥ | yatte'haṁ prīyamāṇāya vakṣyāmi hitakāmyayā || 10-1 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2823
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 2

न मे विदुः सुरगणाः प्रभवं न महर्षयः ।
अहमादिर्हि देवानां महर्षीणां च सर्वशः ॥१०-२॥

na me viduḥ suragaṇāḥ prabhavaṁ na maharṣayaḥ | ahamādirhi devānāṁ maharṣīṇāṁ ca sarvaśaḥ || 10-2 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2866
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 3

यो मामजमनादिं च वेत्ति लोकमहेश्वरम् ।
असम्मूढः स मर्त्येषु सर्वपापैः प्रमुच्यते ॥१०-३॥

yo māmajamanādiṁ ca vetti lokamaheśvaram | asammūḍhaḥ sa martyeṣu sarvapāpaiḥ pramucyate || 10-3 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2909
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 3 के पश्चात चिंतन
2952
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 4

बुद्धिर्ज्ञानमसम्मोहः क्षमा सत्यं दमः शमः ।
सुखं दुःखं भवोऽभावो भयं चाभयमेव च ॥१०-४॥

buddhirjñānamasammohaḥ kṣamā satyaṁ damaḥ śamaḥ | sukhaṁ duḥkhaṁ bhavo'bhāvo bhayaṁ cābhayameva ca || 10-4 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2995
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 5

अहिंसा समता तुष्टिस्तपो दानं यशोऽयशः ।
भवन्ति भावा भूतानां मत्त एव पृथग्विधाः ॥१०-५॥

ahiṁsā samatā tuṣṭistapo dānaṁ yaśo'yaśaḥ | bhavanti bhāvā bhūtānāṁ matta eva pṛthagvidhāḥ || 10-5 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

538
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 6

महर्षयः सप्त पूर्वे चत्वारो मनवस्तथा ।
मद्भावा मानसा जाता येषां लोक इमाः प्रजाः ॥१०-६॥

maharṣayaḥ sapta pūrve catvāro manavastathā | madbhāvā mānasā jātā yeṣāṁ loka imāḥ prajāḥ || 10-6 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

581
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 7

एतां विभूतिं योगं च मम यो वेत्ति तत्त्वतः ।
सोऽविकल्पेन योगेन युज्यते नात्र संशयः ॥१०-७॥

etāṁ vibhūtiṁ yogaṁ ca mama yo vetti tattvataḥ | so'vikalpena yogena yujyate nātra saṁśayaḥ || 10-7 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

624
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 7 के पश्चात चिंतन
667
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 8

अहं सर्वस्य प्रभवो मत्ततः सर्वं प्रवर्तते ।
इति मत्वा भजन्ते मां बुधा भावसमन्विताः ॥१०-८॥

ahaṁ sarvasya prabhavo mattataḥ sarvaṁ pravartate | iti matvā bhajante māṁ budhā bhāvasamanvitāḥ || 10-8 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

710
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 9

मच्चित्ता मद्गतप्राणा बोधयन्तः परस्परम् ।
कथयन्तश्च मां नित्यं तुष्यन्ति च रमन्ति च ॥१०-९॥

maccittā madgataprāṇā bodhayantaḥ parasparam | kathayantaśca māṁ nityaṁ tuṣyanti ca ramanti ca || 10-9 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

753
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 10

तेषां सततयुक्तानां भजतां प्रीतिपूर्वकम् ।
ददामि बुद्धियोगं तं येन मामुपयान्ति ते ॥१०-१०॥

teṣāṁ satatayuktānāṁ bhajatāṁ prītipūrvakam | dadāmi buddhiyogaṁ taṁ yena māmupayānti te || 10-10 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

796
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 11

तेषामेवानुकम्पार्थमहमज्ञानजं तमः ।
नाशयाम्यात्मभावस्थो ज्ञानदीपेन भास्वता ॥१०-११॥

teṣāmevānukampārthamahamajñānajaṁ tamaḥ | nāśayāmyātmabhāvastho jñānadīpena bhāsvatā || 10-11 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

839
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 11 के पश्चात चिंतन
882
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 12

अर्जुन उवाच ।
परं ब्रह्म परं धाम पवित्रं परमं भवान् ।
पुरुषं शाश्वतं दिव्यमादिदेवमजं विभुम् ॥१०-१२॥

arjuna uvāca | paraṁ brahma paraṁ dhāma pavitraṁ paramaṁ bhavān | puruṣaṁ śāśvataṁ divyamādidevamajaṁ vibhum || 10-12 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

925
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 13

आहुस्त्वामृषयः सर्वे देवर्षिर्नारदस्तथा ।
असितो देवलो व्यासः स्वयं चैव ब्रवीषि मे ॥१०-१३॥

āhustvāmṛṣayaḥ sarve devarṣirnāradastathā | asito devalo vyāsaḥ svayaṁ caiva bravīṣi me || 10-13 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

968
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 14

सर्वमेतदृतं मन्ये यन्मां वदसि केशव ।
न हि ते भगवन्व्यक्तिं विदुर्देवा न दानवाः ॥१०-१४॥

sarvametadṛtaṁ manye yanmāṁ vadasi keśava | na hi te bhagavanvyaktiṁ vidurdevā na dānavāḥ || 10-14 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1011
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 15

स्वयमेवात्मनात्मानं वेत्थ त्वं पुरुषोत्तम ।
भूतभावन भूतेश देवदेव जगत्पते ॥१०-१५॥

svayamevātmanātmānaṁ vettha tvaṁ puruṣottama | bhūtabhāvana bhūteśa devadeva jagatpate || 10-15 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1054
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 16

वक्तुमर्हस्यशेषेण दिव्या ह्यात्मविभूतयः ।
याभिर्विभूतिभिर्लोकानिमांस्त्वं व्याप्य तिष्ठसि ॥१०-१६॥

vaktumarhasyaśeṣeṇa divyā hyātmavibhūtayaḥ | yābhirvibhūtibhirlokānimāṁstvaṁ vyāpya tiṣṭhasi || 10-16 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1097
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 17

कथं विद्यामहं योगिंस्त्वां सदा परिचिन्तयन् ।
केषु केषु च भावेषु चिन्त्योऽसि भगवन्मया ॥१०-१७॥

kathaṁ vidyāmahaṁ yogiṁstvāṁ sadā paricintayan | keṣu keṣu ca bhāveṣu cintyo'si bhagavanmayā || 10-17 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1140
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 18

विस्तरेणात्मनो योगं विभूतिं च जनार्दन ।
भूयः कथय तृप्तिर्हि शृण्वतो नास्ति मेऽमृतम् ॥१०-१८॥

vistareṇātmano yogaṁ vibhūtiṁ ca janārdana | bhūyaḥ kathaya tṛptirhi śṛṇvato nāsti me'mṛtam || 10-18 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1183
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 18 के पश्चात चिंतन
1226
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 19

श्रीभगवानुवाच ।
हन्त ते कथयिष्यामि दिव्या ह्यात्मविभूतयः ।
प्राधान्यतः कुरुश्रेष्ठ नास्त्यन्तो विस्तरस्य मे ॥१०-१९॥

śrībhagavānuvāca | hanta te kathayiṣyāmi divyā hyātmavibhūtayaḥ | prādhānyataḥ kuruśreṣṭha nāstyanto vistarasya me || 10-19 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1269
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 20

अहमात्मा गुडाकेश सर्वभूताशयस्थितः ।
अहमादिश्च मध्यं च भूतानामन्त एव च ॥१०-२०॥

ahamātmā guḍākeśa sarvabhūtāśayasthitaḥ | ahamādiśca madhyaṁ ca bhūtānāmanta eva ca || 10-20 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1312
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 21

आदित्यानामहं विष्णुर्ज्योतिषां रविरंशुमान् ।
मरीचिर्मरुतामस्मि नक्षत्राणामहं शशी ॥१०-२१॥

ādityānāmahaṁ viṣṇurjyotiṣāṁ raviraṁśumān | marīcirmarutāmasmi nakṣatrāṇāmahaṁ śaśī || 10-21 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1355
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 22

वेदानां सामवेदोऽस्मि देवानामस्मि वासवः ।
इन्द्रियाणां मनश्चास्मि भूतानामस्मि चेतना ॥१०-२२॥

vedānāṁ sāmavedo'smi devānāmasmi vāsavaḥ | indriyāṇāṁ manaścāsmi bhūtānāmasmi cetanā || 10-22 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1398
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 23

रुद्राणां शङ्करश्चास्मि वित्तेशो यक्षरक्षसाम् ।
वसूनां पावकश्चास्मि मेरुः शिखरिणामहम् ॥१०-२३॥

rudrāṇāṁ śaṅkaraścāsmi vitteśo yakṣarakṣasām | vasūnāṁ pāvakaścāsmi meruḥ śikhariṇāmaham || 10-23 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1441
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 24

पुरोधसां च मुख्यं मां विद्धि पार्थ बृहस्पतिम् ।
सेनानीनामहं स्कन्दः सरसामस्मि सागरः ॥१०-२४॥

purodhasāṁ ca mukhyaṁ māṁ viddhi pārtha bṛhaspatim | senānīnāmahaṁ skandaḥ sarasāmasmi sāgaraḥ || 10-24 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1484
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 25

महर्षीणां भृगुरहं गिरामस्म्येकमक्षरम् ।
यज्ञानां जपयज्ञोऽस्मि स्थावराणां हिमालयः ॥१०-२५॥

maharṣīṇāṁ bhṛgurahaṁ girāmasmyekamakṣaram | yajñānāṁ japayajño'smi sthāvarāṇāṁ himālayaḥ || 10-25 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1527
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 26

अश्वत्थः सर्ववृक्षाणां देवर्षीणां च नारदः ।
गन्धर्वाणां चित्ररथः सिद्धानां कपिलो मुनिः ॥१०-२६॥

aśvatthaḥ sarvavṛkṣāṇāṁ devarṣīṇāṁ ca nāradaḥ | gandharvāṇāṁ citrarathaḥ siddhānāṁ kapilo muniḥ || 10-26 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1570
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 27

उच्चैःश्रवसमश्वानां विद्धि माममृतोद्भवम् ।
ऐरावतं गजेन्द्राणां नराणां च नराधिपम् ॥१०-२७॥

uccaiḥśravasamaśvānāṁ viddhi māmamṛtodbhavam | airāvataṁ gajendrāṇāṁ narāṇāṁ ca narādhipam || 10-27 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1613
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 28

आयुधानामहं वज्रं धेनूनामस्मि कामधुक् ।
प्रजनश्चास्मि कन्दर्पः सर्पाणामस्मि वासुकिः ॥१०-२८॥

āyudhānāmahaṁ vajraṁ dhenūnāmasmi kāmadhuk | prajanaścāsmi kandarpaḥ sarpāṇāmasmi vāsukiḥ || 10-28 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1656
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 29

अनन्तश्चास्मि नागानां वरुणो यादसामहम् ।
पितॄणामर्यमा चास्मि यमः संयमतामहम् ॥१०-२९॥

anantaścāsmi nāgānāṁ varuṇo yādasāmaham | pitṝṇāmaryamā cāsmi yamaḥ saṁyamatāmaham || 10-29 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1699
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 30

प्रह्लादश्चास्मि दैत्यानां कालः कलयतामहम् ।
मृगाणां च मृगेन्द्रोऽहं वैनतेयश्च पक्षिणाम् ॥१०-३०॥

prahlādaścāsmi daityānāṁ kālaḥ kalayatāmaham | mṛgāṇāṁ ca mṛgendro'haṁ vainateyaśca pakṣiṇām || 10-30 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1742
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 31

पवनः पवतामस्मि रामः शस्त्रभृतामहम् ।
झषाणां मकरश्चास्मि स्रोतसामस्मि जाह्नवी ॥१०-३१॥

pavanaḥ pavatāmasmi rāmaḥ śastrabhṛtāmaham | jhaṣāṇāṁ makaraścāsmi srotasāmasmi jāhnavī || 10-31 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1785
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 32

सर्गाणामादिरन्तश्च मध्यं चैवाहमर्जुन ।
अध्यात्मविद्या विद्यानां वादः प्रवदतामहम् ॥१०-३२॥

sargāṇāmādirantaśca madhyaṁ caivāhamarjuna | adhyātmavidyā vidyānāṁ vādaḥ pravadatāmaham || 10-32 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1828
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 33

अक्षराणामकारोऽस्मि द्वन्द्वः सामासिकस्य च ।
अहमेवाक्षयः कालो धाताहं विश्वतोमुखः ॥१०-३३॥

akṣarāṇāmakāro'smi dvandvaḥ sāmāsikasya ca | ahamevākṣayaḥ kālo dhātāhaṁ viśvatomukhaḥ || 10-33 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1871
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 34

मृत्युः सर्वहरश्चाहमुद्भवश्च भविष्यताम् ।
कीर्तिः श्रीर्वाक्च नारीणां स्मृतिर्मेधा धृतिः क्षमा ॥१०-३४॥

mṛtyuḥ sarvaharaścāhamudbhavaśca bhaviṣyatām | kīrtiḥ śrīrvākca nārīṇāṁ smṛtirmedhā dhṛtiḥ kṣamā || 10-34 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1914
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 35

बृहत्साम तथा साम्नां गायत्री छन्दसामहम् ।
मासानां मार्गशीर्षोऽहमृतूनां कुसुमाकरः ॥१०-३५॥

bṛhatsāma tathā sāmnāṁ gāyatrī chandasāmaham | māsānāṁ mārgaśīrṣo'hamṛtūnāṁ kusumākaraḥ || 10-35 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1957
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 36

द्यूतं छलयतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम् ।
जयोऽस्मि व्यवसायोऽस्मि सत्त्वं सत्त्ववतामहम् ॥१०-३६॥

dyūtaṁ chalayatāmasmi tejastejasvināmaham | jayo'smi vyavasāyo'smi sattvaṁ sattvavatāmaham || 10-36 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2000
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 37

वृष्णीनां वासुदेवोऽस्मि पाण्डवानां धनञ्जयः ।
मुनीनामप्यहं व्यासः कवीनामुशना कविः ॥१०-३७॥

vṛṣṇīnāṁ vāsudevo'smi pāṇḍavānāṁ dhanañjayaḥ | munīnāmapyahaṁ vyāsaḥ kavīnāmuśanā kaviḥ || 10-37 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2043
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 38

दण्डो दमयतामस्मि नीतिरस्मि जिगीषताम् ।
मौनं चैवास्मि गुह्यानां ज्ञानं ज्ञानवतामहम् ॥१०-३८॥

daṇḍo damayatāmasmi nītirasmi jigīṣatām | maunaṁ caivāsmi guhyānāṁ jñānaṁ jñānavatāmaham || 10-38 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2086
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 39

यच्चापि सर्वभूतानां बीजं तदहमर्जुन ।
न तदस्ति विना यत्स्यान्मया भूतं चराचरम् ॥१०-३९॥

yaccāpi sarvabhūtānāṁ bījaṁ tadahamarjuna | na tadasti vinā yatsyānmayā bhūtaṁ carācaram || 10-39 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2129
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 40

नान्तोऽस्ति मम दिव्यानां विभूतीनां परन्तप ।
एष तूद्देशतः प्रोक्तो विभूतेर्विस्तरो मया ॥१०-४०॥

nānto'sti mama divyānāṁ vibhūtīnāṁ parantapa | eṣa tūddeśataḥ prokto vibhūtervistaro mayā || 10-40 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2172
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 41

यद्यद्विभूतिमत्सत्त्वं श्रीमदूर्जितमेव वा ।
तत्तदेवावगच्छ त्वं मम तेजोऽंशसम्भवम् ॥१०-४१॥

yadyadvibhūtimatsattvaṁ śrīmadūrjitameva vā | tattadevāvagaccha tvaṁ mama tejo'ṁśasambhavam || 10-41 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2215
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 42

अथवा बहुनैतेन किं ज्ञातेन तवार्जुन ।
विष्टभ्याहमिदं कृत्स्नमेकांशेन स्थितो जगत् ॥१०-४२॥

athavā bahunaitena kiṁ jñātena tavārjuna | viṣṭabhyāhamidaṁ kṛtsnamekāṁśena sthito jagat || 10-42 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2258
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 42 के पश्चात चिंतन
2301
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 10 • श्लोक क्रमांक 43

ॐ तत्सदिति श्रीमहाभारते शतसाहस्र्यां संहितायां
वैयासिक्यां भीष्मपर्वाणि श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु
ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे
विभूतियोगो नाम दशमोऽध्यायः ॥

oṁ tatsaditi śrīmahābhārate śatasāhasryāṁ saṁhitāyāṁ vaiyāsikyāṁ bhīṣmaparvāṇi śrīmadbhagavadgītāsūpaniṣatsu brahmavidyāyāṁ yogaśāstre śrīkṛṣṇārjunasaṁvāde vibhūtiyogo nāma daśamo'dhyāyaḥ ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2344
Daily Gita Sadhana

Listen to One Sacred Verse Daily & Practice in Life

Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.

भक्ति की सभा
सनातन धर्म की अपनी सभा पवित्र श्लोक व व्याख्या लोड हो रही है...
सत्यम् शिवम् सुन्दरम्