भक्ति की सभा
ॐ
श्रीमद्भागवत महापुराण
PURAN महर्षि वेदव्यास प्रणीत

श्रीमद्भागवत महापुराण

भगवान श्रीकृष्ण की बाल व रास लीलाओं और नवधा भक्ति का सर्वोच्च महाग्रंथ।

अनुवाद भाषा:
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 1

श्रीभगवानुवाच ।
अभयं सत्त्वसंशुद्धिर्ज्ञानयोगव्यवस्थितिः ।
दानं दमश्च यज्ञश्च स्वाध्यायतप आर्जवम् ॥१६-१॥

śrībhagavānuvāca | abhayaṁ sattvasaṁśuddhirjñānayogavyavasthitiḥ | dānaṁ damaśca yajñaśca svādhyāyatapa ārjavam || 16-1 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

557
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 2

अहिंसा सत्यमक्रोधस्त्यागः शान्तिरपैशुनम् ।
दया भूतेष्वलोलुप्त्वं मार्दवं ह्रीरचापलम् ॥१६-२॥

ahiṁsā satyamakrodhastyāgaḥ śāntirapaiśunam | दया bhūteṣvaloluptvaṁ mārdavaṁ hrīracāpalam || 16-2 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

600
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 3

तेजः क्षमा धृतिः शौचमद्रोहो नातिमानिता ।
भवन्ति सम्पदं दैवीमभिजातस्य भारत ॥१६-३॥

tejaḥ kṣamā dhṛtiḥ śaucamadroho nātimānitā | bhavanti sampadaṁ daivīmabhijātasya bhārata || 16-3 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

643
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 3 के पश्चात चिंतन
686
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 4

दम्भो दर्पोऽभिमानश्च क्रोधः पारुष्यमेव च ।
अज्ञानं च अभिजातस्य पार्थ सम्पदम आसुरीम् ॥१६-४॥

dambho darpo'bhimānaśca krodhaḥ pāruṣyameva ca | ajñānaṁ cābhijātasya pārtha sampadam āsurīm || 16-4 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

729
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 5

दैवी सम्पद्विमोक्षाय निबन्धायासुरी मता ।
मा शुचः सम्पदम दैवीमभिजातोऽसि पाण्डव ॥१६-५॥

daivī sampadvimokṣāya nibandhāyāsurī matā | mā śucaḥ sampadaṁ daivīmabhijāto'si pāṇḍava || 16-5 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

772
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 6

द्वौ भूतसर्गौ लोकेऽस्मिन्दैव आसुर एव च ।
दैवो विस्तरशः प्रोक्तो आसुरं पार्थ मे शृणु ॥१६-६॥

dvau bhūtasargau loke'smindaiva āsura eva ca | daivo vistaraśaḥ prokto āsuraṁ pārtha me śṛṇu || 16-6 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

815
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 6 के पश्चात चिंतन
858
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 7

प्रवृत्तिं च निवृत्तिं च जना न विदुरासुराः ।
न शौचं नापि चाचारो न सत्यं तेषु विद्यते ॥१६-७॥

pravṛttiṁ ca nivṛttiṁ ca janā na vidurāsurāḥ | na śaucaṁ nāpi cācāro na satyaṁ teṣu vidyate || 16-7 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

901
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 8

असत्यमप्रतिष्ठं ते जगदाहुरीश्वरम् ।
अपरस्परसम्भूतं किमन्यत्कामहैतुकम् ॥१६-८॥

asatyamapratiṣṭhaṁ te jagadāhurīśvaram | aparasparasambhūtaṁ kimanyatkāmahaitukam || 16-8 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

944
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 9

एतां दृष्टिमुष्टभ्य नष्टात्मानोऽल्पबुद्धयः ।
प्रभवन्त्युग्रकर्माणः क्षयाय जगतोऽहिहिताः ॥१६-९॥

etāṁ dṛṣṭimavaṣṭabhya naṣṭātmāno'lpabuddhayaḥ | prabhavantyugrakarmāṇaḥ kṣayāya jagato'hitāḥ || 16-9 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

987
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 10

काममाश्रित्य दुष्पूरं दम्भमानमदान्विताः ।
मोहाद्गृहीत्वाअसद्ब्रह्मान्प्रवर्तन्तेऽशुचिव्रताः ॥१६-१०॥

kāmamāśritya duṣpūraṁ dambhamānamadānvitāḥ | mohādgṛhītvāasadbrahmānpravartante'śucivratāḥ || 16-10 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1030
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 11

चिन्तामपरिमेयां च प्रलयं च उपस्थिताः ।
कामोपभोगपरमा एतावदिति निश्चिताः ॥१६-११॥

cintāmaparimeyāṁ ca pralayaṁ ca upasthitāḥ | kāmopabhogaparamā etāvaditi niścitāḥ || 16-11 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1073
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 12

आशापाशशतैर्बद्धाः कामक्रोधपरायणाः ।
ईहन्ते कामभोगार्थमन्यायेनार्थसञ्चयान् ॥१६-१२॥

āśāpāśaśatairbaddhāḥ kāmakrodhaparāyaṇāḥ | īhante kāmabhogārthamanyāyenārthasañcayān || 16-12 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1116
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 12 के पश्चात चिंतन
1159
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 13

इदमद्य मया लब्धमिमं प्राप्स्ये मनोरथम् ।
इदमस्तीदम्पी मे भविष्यति पुनರ್ಧनम ॥१६-१३॥

idamadya mayā labdhamimaṁ prāpsye manoratham | idamastīdamppī me bhaviṣyati punardhanam || 16-13 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1202
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 14

असौ मया हतः शत्रुर्हनिष्ये चापरानपि ।
ईश्वरोऽहमहं भोगी सिद्धोऽहं बलवान्सुखी ॥१६-१४॥

asau mayā hataḥ śatrurhaniṣye cāparānapi | īśvaro'hamahaṁ bhogī siddho'haṁ balavānsukhī || 16-14 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1245
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 15

आढ्योऽभिजनवानस्मि कोऽन्यस्तसदृशो मया ।
यक्ष्ये दास्यामि मोदिष्य इत्यज्ञानविमोहिताः ॥१६-१५॥

āḍhyo'bhijanavānasmi ko'nyastasadṛśo mayā | yakṣye dāsyāmi modiṣye ityajñānavimohitāḥ || 16-15 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1288
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 16

अनेकचित्तविभ्रान्ता मोहजालसमावृताः ।
प्रसक्ताः कामभोगेषु पतन्ति नरकेऽशुचौ ॥१६-१६॥

anekacittavibhrāntā mohajālasamāvṛtāḥ | prasaktāḥ kāmabhogeṣu patanti narake'śucau || 16-16 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1331
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 17

आत्मसंभाविताः स्तब्धा धनमानमदान्विताः ।
यजन्ते नामयज्ञैस्ते दम्भेनाविधिपूर्वकम् ॥१६-१७॥

ātmasaṁbhāvitāḥ stabdhā dhanamānamadānvitāḥ | yajante nāmayajñaiste dambhenāvidhipūrvakam || 16-17 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1374
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 18

अहङ्कारं बलं दर्पं कामं क्रोधं च संश्रिताः ।
मामात्मपरदेहेषु प्रद्विषन्तोऽभ्यसूयकाः ॥१६-१८॥

ahaṅkāraṁ balaṁ darpaṁ kāmaṁ krodhaṁ ca saṁśritāḥ | māmātmaparadeheṣu pradviṣanto'bhyasūyakāḥ || 16-18 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1417
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 19

तानहं द्विषतः क्रूरान्संसारेषु नराधमान् ।
क्षिपाम्यजस्रमुशुभान आसुरीष्वेव योनिषु ॥१६-१९॥

tānahaṁ dviṣataḥ krūrānsaṁsāreṣu narādhamān | kṣipāmyajasramuśubhān āsurīṣveva yoniṣu || 16-19 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1460
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 20

आसुरी योनिमापन्ना मूढा जन्मनि जन्मनि ।
मामप्राप्यैव कौन्तेय ततो यानत्यधमां गतिम् ॥१६-२०॥

āsurī yonimāpannā mūḍhā janmani janmani | māmaprāpyaiva kaunteya tato yānatyadhamāṁ gatim || 16-20 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1503
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 20 के पश्चात चिंतन
1546
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 21

त्रिविधं नरकस्येदं द्वारं नाशनमात्मनः ।
कामः क्रोधस्तथा लोभस्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत् ॥१६-२१॥

trividhaṁ narakasyedaṁ dvāraṁ nāśanamātmanaḥ | kāmaḥ krodhastathā lobhastasmādetattrayaṁ tyajet || 16-21 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1589
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 22

एतैर्विमुक्तः कौन्तेय तमोद्वारैस्त्रिभिर्नरः ।
आचरत्यत्मनः श्रेयस्ततो याति परां गतिम् ॥१६-२२॥

etairvimuktaḥ kaunteya tamodvāraistribhirnaraḥ | ācaratyatmanaḥ śreyastato yāti parāṁ gatim || 16-22 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1632
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 23

यः शास्त्रविधिमुत्सृज्य वर्तते कामकारतः ।
न स सिद्धिमवाप्नोति न सुखं न परां गतिम् ॥१६-२३॥

yaḥ śāstravidhimutsṛjya vartate kāmakārataḥ | na sa siddhimavāpnoti na sukhaṁ na parāṁ gatim || 16-23 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1675
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 24

तस्माच्छास्त्रं प्रमाणं ते कार्याकार्यव्यवस्थितौ ।
ज्ञात्वा शास्त्रविधानोक्तं कर्म कर्तुमिहार्हसि ॥१६-२४॥

tasmācchāstraṁ pramāṇaṁ te kāryākāryavyavasthitau | jñātvā śāstravidhānoktaṁ karma kartumihārhasi || 16-24 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1718
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 24 के पश्चात चिंतन
1761
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 16 • श्लोक क्रमांक 25

ॐ तत्सदिति श्रीमहाभारते शतसाहस्र्यां संहितायां
वैयासिक्यां भीष्मपर्वाणि श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु
ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे
दैवासुरसम्पद्विभागयोगो नाम षोडशोऽध्यायः ॥

oṁ tatsaditi śrīmahābhārate śatasāhasryāṁ saṁhitāyāṁ vaiyāsikyāṁ bhīṣmaparvāṇi śrīmadbhagavadgītāsūpaniṣatsu brahmavidyāyāṁ yogaśāstre śrīkṛṣṇārjunasaṁvāde daivāsurasampadvibhāgayogo nāma ṣoḍaśo'dhyāyaḥ ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1804
Daily Gita Sadhana

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Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.

भक्ति की सभा
सनातन धर्म की अपनी सभा पवित्र श्लोक व व्याख्या लोड हो रही है...
सत्यम् शिवम् सुन्दरम्