भक्ति की सभा
ॐ
श्रीमद्भागवत महापुराण
PURAN महर्षि वेदव्यास प्रणीत

श्रीमद्भागवत महापुराण

भगवान श्रीकृष्ण की बाल व रास लीलाओं और नवधा भक्ति का सर्वोच्च महाग्रंथ।

अनुवाद भाषा:
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 1

श्रीभगवानुवाच ।
मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः ।
असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु ॥७-१॥

śrībhagavānuvāca | mayyāsaktamanāḥ pārtha yogaṁ yuñjanmadāśrayaḥ | asaṁśayaṁ samagraṁ māṁ yathā jñāsyasi tacchṛṇu || 7-1 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2878
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 2

ज्ञानं तेऽहं सविज्ञानमिदं वक्ष्याम्यशेषतः ।
यज्ज्ञात्वा नेह भूयोऽन्यज्ज्ञातव्यमवशिष्यते ॥७-२॥

jñānaṁ te'haṁ savijñānamidaṁ vakṣyāmyaśeṣataḥ | yajjñātvā neha bhūyo'nyajjñātavyamavaśiṣyate || 7-2 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2921
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 3

मनुष्याणां सहस्रेषु कश्चिद्यतति सिद्धये ।
यततामपि सिद्धानां कश्चिन्मां वेत्ति तत्त्वतः ॥७-३॥

manuṣyāṇāṁ sahasreṣu kaścidyatati siddhaye | yatatāmapi siddhānāṁ kaścinmāṁ vetti tattvataḥ || 7-3 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2964
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 3 के पश्चात चिंतन
507
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 4

भूमिरापोऽनलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च ।
अहङ्कार इतीयं मे भिन्ना प्रकृतिरष्टधा ॥७-४॥

bhūmirāpo'nalo vāyuḥ khaṁ mano buddhireva ca | ahaṅkāra itīyaṁ me bhinnā prakṛtiraṣṭadhā || 7-4 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

550
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 5

अपरेयमितस्त्वन्यां प्रकृतिं विद्धि मे पराम् ।
जीवभूतां महाबाहो ययेदं धार्यते जगत् ॥७-५॥

apareyamitastvanyāṁ prakṛtiṁ viddhi me parām | jīvabhūtāṁ mahābāho yayedaṁ dhāryate jagat || 7-5 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

593
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 6

एतद्योनीनि भूतानि सर्वाणीत्युपधारय ।
अहं कृत्स्नस्य जगतः प्रभवः प्रलयस्तथा ॥७-६॥

etadyonīni bhūtāni sarvāṇītyupadhāraya | ahaṁ kṛtsnasya jagataḥ prabhavaḥ pralayastathā || 7-6 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

636
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 6 के पश्चात चिंतन
679
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 7

मत्तः परतरं नान्यत्किञ्चिदस्ति धनञ्जय ।
मयि सर्वमिदं प्रोतं सूत्रे मणिगणा इव ॥७-७॥

mattaḥ parataraṁ nānyatkiñcidasti dhanañjaya | mayi sarvamidaṁ protaṁ sūtre maṇigaṇā iva || 7-7 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

722
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 8

रसोऽहमप्सु कौन्तेय प्रभास्मि शशिसूर्ययोः ।
प्रणवः सर्ववेदेषु शब्दः खे पौरुषं नृषु ॥७-८॥

raso'hamapsu kaunteya prabhāsmi śaśisūryayoḥ | praṇavaḥ sarvavedeṣu śabdaḥ khe pauruṣaṁ nṛṣu || 7-8 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

765
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 9

पुण्यो गन्धः पृथिव्यां च तेजश्चास्मि विभावसौ ।
जीवनं सर्वभूतेषु तपश्चास्मि तपस्विषु ॥७-९॥

puṇyo gandhaḥ pṛthivyāṁ ca tejaścāsmi vibhāvasau | jīvanaṁ sarvabhūteṣu tapaścāsmi tapasviṣu || 7-9 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

808
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 10

बीजं मां सर्वभूतानां विद्धि पार्थ सनातनम् ।
बुद्धिर्बुद्धिमतामस्मि तेजस्तेजस्विनामहम् ॥७-१०॥

bījaṁ māṁ sarvabhūtānāṁ viddhi pārtha sanātanam | buddhirbuddhimatāmasmi tejastejasvināmaham || 7-10 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

851
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 11

बलं बलवतां चाहं कामरागविवर्जितम् ।
धर्माविरुद्धो भूतेषु कामोऽस्मि भरतर्षभ ॥७-११॥

balaṁ balavatāṁ cāhaṁ kāmarāgavivarjitam | dharmāviruddho bhūteṣu kāmo'smi bharatarṣabha || 7-11 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

894
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 12

ये चैव सात्त्विका भावा राजसास्तामसाश्च ये ।
मत्त एवेति तान्विद्धि न त्वहं तेषु ते मयि ॥७-१२॥

ye caiva sāttvikā bhāvā rājasāstāmasāśca ye | matta eveti tānviddhi na tvahaṁ teṣu te mayi || 7-12 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

937
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 13

त्रिभिर्गुणमयैर्भावैरेभिः सर्वमिदं जगत् ।
मोहितं नाभिजानाति मामेभ्यः परमव्ययम् ॥७-१३॥

tribhirguṇamayairbhāvairebhiḥ sarvamidaṁ jagat | mohitaṁ nābhijānāti māmebhyaḥ paramavyayam || 7-13 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

980
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 13 के पश्चात चिंतन
1023
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 14

दैवी ह्येषा गुणमयी मम माया दुरत्यया ।
मामेव ये प्रपद्यन्ते मायामेतां तरन्ति ते ॥७-१४॥

daivī hyeṣā guṇamayī mama māyā duratyayā | māmeva ye prapadyante māyāmetāṁ taranti te || 7-14 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1066
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 15

न मां दुष्कृतिनो मूढाः प्रपद्यन्ते नराधमाः ।
माययापहृतज्ञाना आसुरं भावमाश्रिताः ॥७-१५॥

na māṁ duṣkṛtino mūḍhāḥ prapadyante narādhamāḥ | māyayāpahṛtajñānā āsuraṁ bhāvamāśritāḥ || 7-15 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1109
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 16

चतुर्विधा भजन्ते मां जनाः सुकृतिनोऽर्जुन ।
आर्तो जिज्ञासुरर्थार्थी ज्ञानी च भरतर्षभ ॥७-१६॥

caturvidhā bhajante māṁ janāḥ sukṛtino'rjuna | ārto jijñāsurarthārthī jñānī ca bharatarṣabha || 7-16 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1152
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 17

तेषां ज्ञानी नित्ययुक्त एकभक्तिर्विशिष्यते ।
प्रियो हि ज्ञानिनोऽत्यर्थमहं स च मम प्रियः ॥७-१७॥

teṣāṁ jñānī nityayukta ekabhaktirviśiṣyate | priyo hi jñānino'tyarthamahaṁ sa ca mama priyaḥ || 7-17 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1195
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 18

उदाराः सर्व एवैते ज्ञानी त्वात्मैव मे मतम् ।
आस्थितः स हि युक्तात्मा मामेवानुत्तमां गतिम् ॥७-१८॥

udārāḥ sarva evaite jñānī tvātmaiva me matam | āsthitaḥ sa hi yuktātmā māmevānuttamāṁ gatim || 7-18 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1238
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 18 के पश्चात चिंतन
1281
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 19

बहूनां जन्मनामन्ते ज्ञानवान्मां प्रपद्यते ।
वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः ॥७-१९॥

bahūnāṁ janmanāmante jñānavānmāṁ prapadyate | vāsudevaḥ sarvamiti sa mahātmā sudurlabhaḥ || 7-19 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1324
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 20

कामैस्तैस्तैर्हृतज्ञानाः प्रपद्यन्तेऽन्यदेवताः ।
तं तं नियममास्थाय प्रकृत्या नियताः स्वया ॥७-२०॥

kāmaisttaistairhṛtajñānāḥ prapadyante'nyadevatāḥ | taṁ taṁ niyamamāsthāya prakṛtyā niyatāḥ svayā || 7-20 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1367
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 21

यो यो यां यां तनुं भक्तः श्रद्धयार्चितुमिच्छति ।
तस्य तस्याचलां श्रद्धां तामेव विदधाम्यहम् ॥७-२१॥

yo yo yāṁ yāṁ tanuṁ bhaktaḥ śraddhayārcitumicchati | tasya tasyācalāṁ śraddhāṁ tāmeva vidadhāmyaham || 7-21 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1410
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 22

स तया श्रद्धया युक्तस्तस्याराधनमीहते ।
लभते च ततः कामान्मयैव विहितान्हि तान् ॥७-२२॥

sa tayā śraddhayā yuktastasyārādhanamīhate | labhate ca tataḥ kāmānmayaiva vihitānhi tān || 7-22 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1453
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 23

अन्तवत्तु फलं तेषां तद्भवत्यल्पमेधसाम् ।
देवान्देवयजो यान्ति मद्भक्ता यान्ति मामपि ॥७-२३॥

antavattu phalaṁ teṣāṁ tadbhavatyalpamedhasām | devāndevayajo yānti madbhaktā yānti māmapi || 7-23 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1496
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 23 के पश्चात चिंतन
1539
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 24

अव्यक्तं व्यक्तिमापन्नं मन्यन्ते मामबुद्धयः ।
परं भावमजानन्तो ममाव्ययमनुत्तमम् ॥७-२४॥

avyaktaṁ vyaktimāpannaṁ manyante māmabuddhayaḥ | paraṁ bhāvamajānanto mamāvyayamanuttamam || 7-24 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1582
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 25

नाहं प्रकाशः सर्वस्य योगमायासमावृतः ।
मूढोऽयं नाभिजानाति लोको मामजमव्ययम् ॥७-२५॥

nāhaṁ prakāśaḥ sarvasya yogamāyāsamāvṛtaḥ | mūḍho'yaṁ nābhijānāti loko māmajamavyayam || 7-25 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1625
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 25 के पश्चात चिंतन
1668
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 26

वेदाहं समतीतानि वर्तमानानि चार्जुन ।
भविष्याणि च भूतानि मां तु वेद न कश्चन ॥७-२६॥

vedāhaṁ samatītāni vartamānāni cārjuna | bhaviṣyāṇi ca bhūtāni māṁ tu veda na kaścana || 7-26 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1711
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 27

इच्छाद्वेषसमुत्थेन द्वन्द्वमोहेन भारत ।
सर्वभूतानि सम्मोहं सर्गे यान्ति परन्तप ॥७-२७॥

icchādveṣasamutthena dvandvamohena bhārata | sarvabhūtāni sammohaṁ sarge yānti parantapa || 7-27 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1754
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 28

येषां त्वन्तगतं पापं जनानां पुण्यकर्मणाम् ।
ते द्वन्द्वमोहनिर्मुक्ता भजन्ते मां दृढव्रताः ॥७-२८॥

yeṣāṁ tvantagataṁ pāpaṁ janānāṁ puṇyakarmaṇām | te dvandvamohanirmuktā bhajante māṁ dṛḍhavratāḥ || 7-28 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1797
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 29

जरामरणमोक्षाय मामाश्रित्य यतन्ति ये ।
ते ब्रह्म तद्विदुः कृत्स्नमध्यात्मं कर्म चाखिलम् ॥७-२९॥

jarāmaraṇamokṣāya māmāśritya yatanti ye | te brahma tadviduḥ kṛtsnamadhyātmaṁ karma cākhilam || 7-29 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1840
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 30

साधिभूताधिदैवं मां साधियज्ञं च ये विदुः ।
प्रयाणकालेऽपि च मां ते विदुर्युक्तचेतसः ॥७-३०॥

sādhibhūtādhidaivaṁ māṁ sādhiyajñaṁ ca ye viduḥ | prayāṇakāle'pi ca māṁ te viduryuktacetasaḥ || 7-30 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1883
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 30 के पश्चात चिंतन
1926
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 7 • श्लोक क्रमांक 31

ॐ तत्सदिति श्रीमहाभारते शतसाहस्र्यां संहितायां
वैयासिक्यां भीष्मपर्वाणि श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु
ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे
ज्ञानविज्ञानयोगो नाम सप्तमोऽध्यायः ॥

oṁ tatsaditi śrīmahābhārate śatasāhasryāṁ saṁhitāyāṁ vaiyāsikyāṁ bhīṣmaparvāṇi śrīmadbhagavadgītāsūpaniṣatsu brahmavidyāyāṁ yogaśāstre śrīkṛṣṇārjunasaṁvāde jñānavijñānayogo nāma saptamo'dhyāyaḥ ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1969
Daily Gita Sadhana

Listen to One Sacred Verse Daily & Practice in Life

Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.

भक्ति की सभा
सनातन धर्म की अपनी सभा पवित्र श्लोक व व्याख्या लोड हो रही है...
सत्यम् शिवम् सुन्दरम्