भक्ति की सभा
ॐ
श्रीमद्भागवत महापुराण
PURAN महर्षि वेदव्यास प्रणीत

श्रीमद्भागवत महापुराण

भगवान श्रीकृष्ण की बाल व रास लीलाओं और नवधा भक्ति का सर्वोच्च महाग्रंथ।

अनुवाद भाषा:
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 1

श्रीभगवानुवाच ।
इदं तु ते गुह्यतमं प्रवक्ष्याम्यनसूयवे ।
ज्ञानं विज्ञानसहितं यज्ज्ञात्वा मोक्ष्यसेऽशुभात् ॥९-१॥

śrībhagavānuvāca | idaṁ tu te guhyatamaṁ pravakṣyāmyanasūyave | jñānaṁ vijñānasahitaṁ yajjñātvā mokṣyase'śubhāt || 9-1 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1017
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 2

राजविद्या राजगुह्यं पवित्रमिदमुत्तमम् ।
प्रत्यक्षावगमं धर्म्यं सुसुखं कर्तुमव्ययम् ॥९-२॥

rājavidyā rājaguhyaṁ pavitramidamuttamam | pratyakṣāvagamaṁ dharmyaṁ susukhaṁ kartumavyayam || 9-2 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1060
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 3

अश्रद्दधानाः पुरुषा धर्मस्यास्य परन्तप ।
अप्राप्य मां निवर्तन्ते मृत्युसंसारवर्त्मनि ॥९-३॥

aśraddadhānāḥ puruṣā dharmasyāsya parantapa | aprāpya māṁ nivartante mṛtyusaṁsāravartmani || 9-3 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1103
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 3 के पश्चात चिंतन
1146
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 4

मया ततमिदं सर्वं जगदव्यक्तमूर्तिना ।
मत्स्थानि सर्वभूतानि न चाहं तेष्ववस्थितः ॥९-४॥

mayā tatamidaṁ sarvaṁ jagadavyaktamūrtinā | matsthāni sarvabhūtāni na cāhaṁ teṣvavasthitaḥ || 9-4 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1189
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 5

न च मत्स्थानि भूतानि पश्य मे योगमैश्वरम् ।
भूतभृन्न च भूतस्थो ममात्मा भूतभावनः ॥९-५॥

na ca matsthāni bhūtāni paśya me yogamaiśvaram | bhūtabhṛnna ca bhūtastho mamātmā bhūtabhāvanaḥ || 9-5 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1232
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 6

यथाकाशस्थितो नित्यं वायुः सर्वत्रगो महान् ।
तथा सर्वाणि भूतानि मत्स्थानीत्युपधारय ॥९-६॥

yathākāśasthito nityaṁ vāyuḥ sarvatrago mahān | tathā sarvāṇi bhūtāni matsthānītyupadhāraya || 9-6 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1275
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 7

सर्वभूतानि कौन्तेय प्रकृतिं यान्ति मामिकाम् ।
कल्पक्षये पुनस्तानि कल्पादौ विसृजाम्यहम् ॥९-७॥

sarvabhūtāni kaunteya prakṛtiṁ yānti māmikām | kalpakṣaye punastāni kalpādau visṛjāmyaham || 9-7 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1318
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 8

प्रकृतिं स्वामवष्टभ्य विसृजामि पुनः पुनः ।
भूतग्राममिमं कृत्स्नमवशं प्रकृतेर्वशात् ॥९-८॥

prakṛtiṁ svāmavaṣṭabhya visṛjāmi punaḥ punaḥ | bhūtagrāmamimaṁ kṛtsnamavaśaṁ prakṛtervaśāt || 9-8 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1361
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 9

न च मां तानि कर्माणि निबध्नन्ति धनञ्जय ।
उदासीनवदासीनमसक्तं तेषु कर्मसु ॥९-९॥

na ca māṁ tāni karmāṇi nibadhnanti dhanañjaya | udāsīnavadāsīnamasaktaṁ teṣu karmasu || 9-9 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1404
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 10

मयाध्यक्षेण प्रकृतिः सूयते सचराचरम् ।
हेतुनानेन कौन्तेय जगद्विपरिवर्तते ॥९-१०॥

mayādhyakṣeṇa prakṛtiḥ sūyate sacarācaram | hetunānena kaunteya jagadviparivartate || 9-10 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1447
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 10 के पश्चात चिंतन
1490
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 11

अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम् ।
परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम् ॥९-११॥

avajānanti māṁ mūḍhā mānuṣīṁ tanumāśritam | paraṁ bhāvamajānanto mama bhūtamaheśvaram || 9-11 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1533
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 12

मोघाशा मोघकर्माणो मोघज्ञाना विचेतसः ।
राक्षसीमासुरीं चैव प्रकृतिं मोहिनीं श्रिताः ॥९-१२॥

moghāśā moghakarmāṇo moghajñānā vicetasaḥ | rākṣasīmāsurīṁ caiva prakṛtiṁ mohinīṁ śritāḥ || 9-12 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1576
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 13

महात्मानस्तु मां पार्थ दैवीं प्रकृतिमाश्रिताः ।
भजन्त्यनन्यमनसो ज्ञात्वा भूतादिमव्ययम् ॥९-१३॥

mahātmānastu māṁ pārtha daivīṁ prakṛtimāśritāḥ | bhajantyananyamanaso jñātvā bhūtādimavyayam || 9-13 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1619
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 14

सततं कीर्तयन्तो मां यतन्तश्च दृढव्रताः ।
नमस्यन्तश्च मां भक्त्या नित्ययुक्ता उपासते ॥९-१४॥

satataṁ kīrtayanto māṁ yatantaśca dṛḍhavratāḥ | namasyantaśca māṁ bhaktyā nityayuktā upāsate || 9-14 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1662
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 15

ज्ञानयज्ञेन चाप्यन्ये यजन्तो मामुपासते ।
एकत्वेन पृथक्त्वेन बहुधा विश्वतोमुखम् ॥९-१५॥

jñānayajñena cāpyanye yajanto māmupāsate | ekatvena pṛthaktvena bahudhā viśvatomukham || 9-15 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1705
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 15 के पश्चात चिंतन
1748
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 16

अहं क्रतुरहं यज्ञः स्वधाहमहमौषधम् ।
मन्त्रोऽहमहमेवाज्यमहमग्निरहं हुतम् ॥९-१६॥

ahaṁ kraturahaṁ yajñaḥ svadhāhamahamauṣadham | mantro'hamahamevājyamahamagnirahaṁ hutam || 9-16 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1791
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 17

पिताहमस्य जगतो माता धाता पितामहः ।
वेद्यं पवित्रमोङ्कार ऋक्साम यजुरेव च ॥९-१७॥

pitāhamasya jagato mātā dhātā pitāmahaḥ | vedyaṁ pavitramoṅkāra ṛksāma yajureva ca || 9-17 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1834
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 18

गतिर्भर्ता प्रभुः साक्षी निवासः शरणं सुहृत् ।
प्रभवः प्रलयः स्थानं निधानं बीजमव्ययम् ॥९-१८॥

gatirbhartā prabhuḥ sākṣī nivāsaḥ śaraṇaṁ suhṛt | prabhavaḥ pralayaḥ sthānaṁ nidhānaṁ bījamavyayam || 9-18 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1877
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 19

तपाम्यहमहं वर्षं निगृह्णाम्युत्सृजामि च ।
अमृतं चैव मृत्युश्च सदसच्चाहमर्जुन ॥९-१९॥

tapāmyahamahaṁ varṣaṁ nigṛhṇāmyutsṛjāmi ca | amṛtaṁ caiva mṛtyuśca sadasaccāhamarjuna || 9-19 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

1920
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 19 के पश्चात चिंतन
1963
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 20

त्रैविद्या मां सोमपाः पूतपापा यज्ञैरिष्ट्वा स्वर्गतिं प्रार्थयन्ते ।
ते पुण्यमासाद्य सुरेन्द्रलोकमश्नन्ति दिव्यान्दिवि देवभोगान् ॥९-२०॥

traividyā māṁ somapāḥ pūtapāpā yajñairiṣṭvā svargatiṁ prārthayante | te puṇyamāsādya surendralokamaśnanti divyāndivi devabhogān || 9-20 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2006
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 21

ते तं भुक्त्वा स्वर्गलोकं विशालं क्षीणे पुण्ये मर्त्यलोकं विशन्ति ।
एवं त्रयीधर्ममनुप्रपन्ना गतागतं कामकामा लभन्ते ॥९-२१॥

te taṁ bhuktvā svargalokaṁ viśālaṁ kṣīṇe puṇye martyalokaṁ viśanti | evaṁ trayīdharmamanuprapannā gatāgataṁ kāmakāmā labhante || 9-21 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2049
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 22

अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते ।
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम् ॥९-२२॥

ananyāścintayanto māṁ ye janāḥ paryupāsate | teṣāṁ nityābhiyuktānāṁ yogakṣemaṁ vahāmyaham || 9-22 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2092
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 23

येऽप्यन्यदेवता भक्ता यजन्ते श्रद्धयान्विताः ।
तेऽपि मामेव कौन्तेय यजन्त्यविधिपूर्वकम् ॥९-२३॥

ye'pyanyadevatā bhaktā yajante śraddhayānvitāḥ | te'pi māmeva kaunteya yajantyavidhipūrvakam || 9-23 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2135
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 23 के पश्चात चिंतन
2178
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 24

अहं हि सर्वयज्ञानां भोक्ता च प्रभुरेव च ।
न तु मामभिजानन्ति तत्त्वेनातश्च्यवन्ति ते ॥९-२४॥

ahaṁ hi sarvayajñānāṁ bhoktā ca prabhureva ca | na tu māmabhijānanti tattvenātaścyavanti te || 9-24 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2221
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 25

यान्ति देवव्रता देवान्पितॄन्यान्ति पितृव्रताः ।
भूतानि यान्ति भूतेज्या यान्ति मद्याजिनोऽपि माम ॥९-२५॥

yānti devavratā devānpitṝnyānti pitṛvratāḥ | bhūtāni yānti bhūtejyā yānti madyājino'pi mām || 9-25 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2264
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 26

पत्रं पुष्पं फलं तोयं यो मे भक्त्या प्रयच्छति ।
तदहं भक्त्युपहृतमश्नामि प्रयतात्मनः ॥९-२६॥

patraṁ puṣpaṁ phalaṁ toyaṁ yo me bhaktyā prayacchati | tadahaṁ bhaktyupahṛtamaśnāmi prayatātmanaḥ || 9-26 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2307
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 27

यत्करोषि यदश्नासि यज्जुहोषि ददासि यत् ।
यत्तपस्यसि कौन्तेय तत्कुरुष्व मदर्पणम् ॥९-२७॥

yatkaroṣi yadaśnāsi yajjuhoṣi dadāsi yat | yattapasyasi kaunteya tatkuruṣva madarpaṇam || 9-27 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2350
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 28

शुभाशुभफलैरेवं मोक्ष्यसे कर्मबन्धनैः ।
संन्यासयोगयुक्तात्मा विमुक्तो मामुपैष्यसि ॥९-२८॥

śubhāśubhaphalairevaṁ mokṣyase karmabandhanaiḥ | saṁnyāsayogayuktātmā vimukto māmupaiṣyasi || 9-28 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2393
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 28 के पश्चात चिंतन
2436
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 29

समोऽहं सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योऽस्ति न प्रियः ।
ये भजन्ति तु मां भक्त्या मयि ते तेषु चाप्यहम् ॥९-२९॥

samo'haṁ sarvabhūteṣu na me dveṣyo'sti na priyaḥ | ye bhajanti tu māṁ bhaktyā mayi te teṣu cāpyaham || 9-29 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2479
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 30

अपि चेत्सुदुराचारो भजते मामनन्यभाक् ।
साधुरेव स मन्तव्यः सम्यग्व्यवसितो हि सः ॥९-३०॥

api cetsudurācāro bhajate māmananyabhāk | sādhureva sa mantavyaḥ samyagvyavasito hi saḥ || 9-30 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2522
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 31

क्षिप्रं भवति धर्मात्मा शश्वच्छान्तिं निगच्छति ।
कौन्तेय प्रतिजानीहि न मे भक्तः प्रणश्यति ॥९-३१॥

kṣipraṁ bhavati dharmātmā śaśvacchāntiṁ nigacchati | kaunteya pratijānīhi na me bhaktaḥ praṇaśyati || 9-31 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2565
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 32

मां हि पार्थ व्यपाश्रित्य येऽपि स्युः पापयोनयः ।
स्त्रियो वैश्यास्तथा शूद्रास्तेऽपि यान्ति परां गतिम् ॥९-३२॥

māṁ hi pārtha vyapāśritya ye'pi syuḥ pāpayonayaḥ | striyo vaiśyāstathā śūdrāste'pi yānti parāṁ gatim || 9-32 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2608
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 33

किं पुनर्ब्राह्मणाः पुण्या भक्ता राजर्षयस्तथा ।
अनित्यमसुखं लोकमिमं प्राप्य भजस्व माम ॥९-३३॥

kiṁ punarbrāhmaṇāḥ puṇyā bhaktā rājarṣayastathā | anityamasukhaṁ lokamimaṁ prāpya bhajasva mām || 9-33 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2651
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 34

मन्मना भव मद्भक्तो मद्याजी मां नमस्कुरु ।
मामेवैष्यसि युक्त्वैवमात्मानं मत्परायणः ॥९-३४॥

manmanā bhava madbhakto madyājī māṁ namaskuru | māmevaiṣyasi yuktvaivamātmānaṁ matparāyaṇaḥ || 9-34 ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2694
ॐ
अनुवृत्ति एवं दार्शनिक सार श्लोक 34 के पश्चात चिंतन
2737
Puran

श्रीमद्भागवत महापुराण

अध्याय 9 • श्लोक क्रमांक 35

ॐ तत्सदिति श्रीमहाभारते शतसाहस्र्यां संहितायां
वैयासिक्यां भीष्मपर्वाणि श्रीमद्भगवद्गीतासूपनिषत्सु
ब्रह्मविद्यायां योगशास्त्रे श्रीकृष्णार्जुनसंवादे
राजगुह्ययोगो नाम नवमोऽध्यायः ॥

oṁ tatsaditi śrīmahābhārate śatasāhasryāṁ saṁhitāyāṁ vaiyāsikyāṁ bhīṣmaparvāṇi śrīmadbhagavadgītāsūpaniṣatsu brahmavidyāyāṁ yogaśāstre śrīkṛṣṇārjunasaṁvāde rājaguhyayogo nāma navamo'dhyāyaḥ ||

सरल भावार्थ (English):

इस भाषा में अनुवाद शीघ्र प्रकाशित किया जाएगा।

2780
Daily Gita Sadhana

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Original Sanskrit verses of Shrimad Bhagavad Gita with accurate commentary in English & Indian regional languages.

भक्ति की सभा
सनातन धर्म की अपनी सभा पवित्र श्लोक व व्याख्या लोड हो रही है...
सत्यम् शिवम् सुन्दरम्