PURAN
महर्षि वेदव्यास प्रणीत
भविष्य पुराण
आगामी युगों, घटनाओं, सामाजिक व्यवस्था और सूर्योपासना का दिव्य दर्शन।
अनुवाद भाषा:
इस अध्याय के श्लोक शीघ्र ही जोड़े जाएंगे।
कृपया बाईं सूची से अन्य अध्याय चुनें।