चार वेद, उपनिषद् एवं महापुराण संग्रह
महर्षि वेदव्यास प्रणीत १८ महापुराण, प्रज्ञा पुराण, चतुर्वेद संहिता एवं उपनिषदों के शुद्ध संस्कृत श्लोक, प्रामाणिक भावार्थ एवं वाचन।
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